जन्माष्टमी जन्माष्टमी श्रीकृष्ण जी के जन्म का पर्व है। श्रीकृष्ण जी का जन्म मथुरा के कारागार में माता देवकी व पिता वासुदेव की 8 वी संतान के रूप में हुआ था। कबीर साहेब विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा सुबह-सुबह ब्रह्ममुहूर्त में वह पूर्ण परमेश्वर कबीर (कविर्देव) जी स्वयं अपने मूल स्थान सतलोक से आए। काशी में लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर एक बालक का रूप धारण किया। श्रीकृष्ण जी जब बांसुरी बजाते थे तो आस पास की गोपियाँ ओर गायें इकठ्ठा होकर बांसुरी की धुन सुनते थे। एक बार परमेश्वर कबीर साहेब जी ने यमुना के किनारे बांसुरी बजाई तो यमुना का पानी स्थिर हो गया सभी पशु,पक्षी यहाँ तक की आसमान में देवता भी उस बांसुरी की मधुर आवाज सुनने को पृथ्वी पर आ गए थे। श्रीकृष्ण जी ने एक मुट्ठी चावल के बदले सुदामा का महल बनाया और कबीर साहेब जी ने एक रोटी के बदले तैमूरलंग को सात पीढ़ी का राज दे दिया। श्रीकृष्ण जी ने इंद्र की पूजा छुड़वाकर एक परमात्मा की भक्ति करने की प्रेरणा दी जिस कारण उन्होंने गोवर्धन पर्वत को उठाकर इंद्र के कोप से ब्रजवासियों की रक...
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